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  • Authors: Anupa Lal
  • Authors: Dr. Srivastav R.P.S.
  • Authors: Dr. Srivastav R.P.S.
  • Authors: Dr. Srivastav R.P.S.
  • Authors: G. Anjaiah
  • Authors: Ian Kerner
  • Authors: Sandhya Tiwari

धन इसलिए जमा करना चाहिए कि उसका सुदपयोग किया जा सके और उसे सुख एवं सन्तोष देने वाले कामों में लगाया जा सके, किन्तु यदि जमा करने की लालसा बढ़कर तृष्णा का रूप धारण कर ले और आदमी बिना धर्म-अधर्म का ख्याल किए पैसा लेने या आवश्यकताओं की उपेक्षा करके उसे जमा करने की कंजूसी का आदी हो जाय तो वह धन धूल के बराबर है ।

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प्राणायाम से आधि-व्याधि निवारण का संछिप्त विवरण : प्राणायाम शब्द के दो खंड है – एक ‘प्राण’ दूसरा ‘आयाम’ है। प्राण का मोटा अर्थ है- जीवन तत्व और आयाम का अर्थ है-विस्तार। प्राण शब्द के साथ प्राण वायु जोड़ा जाता है। तब उसका अर्थ नाक द्वारा साँस लेकर फेफड़ों में फैलाना तथा उसके ऑक्सीजन अंश को रक्त के माध्यम से समस्त शरीर में पहुँचाना भी होता है। यह प्रक्रिया शरीर को जीवत रखती……..

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A powerful and moving tale, the Mahabharata recounts the history of the five heroic Pandava brothers. Cheated of their kingdom and sent into exile they set off on a fascinating journey.Profound spiritual themes underlie the thrilling narrative, making it one of the world'ss most revered texts. Culminating in an apocalyptic war, Mahabharata is a masterpiece of suspense, intrigue, and illuminating wisdom.
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