Filter By close

Filter By

Categories

Categories

Type

Type

Authors

Authors

Category

Recent Articles

Home

Active filters

  • Authors: Alok Kejriwal
  • Authors: Ashwini Parashar
  • Authors: C.B.GUPTA
  • Authors: C.B.GUPTA
  • Authors: Ian Kerner
  • Authors: Sajjan kumar
  • Authors: Sara Kuburic

सिकंदर ने पंजाब, गांधर आदि राज्यों को जीतकर उन्हें अपने अधीन कर लिया था। वहां यवन सैनिकों के अत्याचारों से लोग त्रास्त थे। चारों तरफ आतंक व्याप्त था। बहू-बेटियों की अस्मिता असुरक्षित थी। यवन पूरे भारत को जीतना चाहते थे।

Price ₹150.00

धन इसलिए जमा करना चाहिए कि उसका सुदपयोग किया जा सके और उसे सुख एवं सन्तोष देने वाले कामों में लगाया जा सके, किन्तु यदि जमा करने की लालसा बढ़कर तृष्णा का रूप धारण कर ले और आदमी बिना धर्म-अधर्म का ख्याल किए पैसा लेने या आवश्यकताओं की उपेक्षा करके उसे जमा करने की कंजूसी का आदी हो जाय तो वह धन धूल के बराबर है ।

Price ₹0.00

प्राणायाम से आधि-व्याधि निवारण का संछिप्त विवरण : प्राणायाम शब्द के दो खंड है – एक ‘प्राण’ दूसरा ‘आयाम’ है। प्राण का मोटा अर्थ है- जीवन तत्व और आयाम का अर्थ है-विस्तार। प्राण शब्द के साथ प्राण वायु जोड़ा जाता है। तब उसका अर्थ नाक द्वारा साँस लेकर फेफड़ों में फैलाना तथा उसके ऑक्सीजन अंश को रक्त के माध्यम से समस्त शरीर में पहुँचाना भी होता है। यह प्रक्रिया शरीर को जीवत रखती……..

Price ₹16.00

From an existential psychotherapist, USA Today columnist, and Instagram's popular "Millennial Therapist," comes a guide to identifying self-loss—one of our greatest unspoken human sufferings, that feeling of being estranged or disconnected from your true Self—so we can answer the most essential question: “ Who am I?”

Price ₹350.00